हेल्लो दोस्तों, अगर आप कंप्यूटर में एक दम beginner हैं और आपको इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो आप का स्वागत है हमारी एक बिलकुल नयी सीरीज में जिस में आप कंप्यूटर के बारे में कुछ बेसिक चीज़े जैसे सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर बेसिक्स आदि सीख सकते है इस सीरीज में आज हम सबसे पहले सॉफ्टवेयर क्या है? परिभाषा और प्रकार के बारे में जानेंगे तो आइये शुरुआत करते हैं सॉफ्टवेयर की एक बेसिक सी परिभाषा (definition) के साथ।
सॉफ्टवेयर क्या है?
सॉफ्टवेयर की परिभाषा के अनुसार सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का वह भाग है जिसका इस्तेमाल करके हम कंप्यूटर से कोई काम करा सकते है। सॉफ्टवेयर को छुआ नहीं जा सकता बस देखा और चलाया जा सकता है क्यूंकि यह और कुछ नहीं बस कंप्यूटर की भाषा में लिखी गयी सूचनाओं और आदेशो का एक समूह होता है जो कंप्यूटर के अंदर ही किसी स्टोरेज device (जैसे हार्ड डिस्क) के अंदर स्टोर रहता है यानि की रखा रहता है।
सॉफ्टवेयर अपने आप काम नहीं करते उनको हम अपने काम के हिसाब से इस्तेमाल करते है हमें सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए कुछ जरूरी उपकरणों की जरूरत पड़ती है जिन्हें हम हार्डवेयर कहते है हार्डवेयर को हम अपने हाथो से छु सकते है।
सॉफ्टवेयर को अपनी आँखों से देख सकते है लेकिन नहीं छु सकते है क्योंकि हार्डवेयर एक पदार्थ होता है जबकि सॉफ्टवेर कोई पदार्थ नहीं है यह बस कंप्यूटर के अंदर इंसानों द्वारा लिखे गए कुछ आदेशो का समूह है जिनके जरिये हम कंप्यूटर से अपना काम करवाते है। एक सॉफ्टवेर किसी एक ख़ास काम के लिए ही बना होता है।
सॉफ्टवेर के प्रकार । Types of software
सॉफ्टवेयर को तीन भागो में बाटा गया है।
सिस्टम सॉफ्टवेर (System software)
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| System software |
सिस्टम सॉफ्टवेयर यानी वे सॉफ्टवेयर जो कंप्यूटर को नियंत्रित करने का कार्य करते है इन्हें हम आपने कामो के लिए use नहीं करते लेकिन कंप्यूटर को चलने के लिए इनकी जरूरत होती है। एप्लीकेशन सॉफ्टवेर भी सिस्टम सॉफ्टवेर पर depend होकर ही चल पाते है ये कंप्यूटर की आत्मा के तरह है अगर कंप्यूटर में सिस्टम सॉफ्टवेर नहीं रहेगा तो कंप्यूटर हमारा कोई भी काम नहीं करेगा।
उदहारण :-
- Windows
- Linux
- MacOS
- MS DOS
- Android
2:- एप्लीकेशन सॉफ्टवेर (Application software)

Application software एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर यानी वे सॉफ्टवेयर जिनको हम अपने काम के लिए उपयोग में लेते है। हर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर एक ख़ास काम के लिए बना होता है जैसे की फोटोज एडिट करना विडियो एडिट करना गाने सुनना आदि हम आपने कामो के लिए एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को ही काम में लेते है। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर सिस्टम सॉफ्टवेर पर depend हो कर चलते है यह सीधे कंप्यूटर से कम्यूनिकेट नहीं करते यह सिस्टम सॉफ्टवेर से कम्यूनिकेट करते है।
एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को apps भी कहा जाता है आप जो अपने फ़ोन में या कंप्यूटर में जो रोज मर्रा के कामो के लिए उपयोग करते है उन्हें ही एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कहा जाता है।
उदहारण :-- Microsoft office
- VLC media player
- Chrome browser
- Adobe Photoshop
3 यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software)
यूटिलिटी सॉफ्टवेयर को कंप्यूटर के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर, सिस्टम सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को ब्यवस्थित रूप में लाने के लिए किया जाता है। वैसे तो यूटिलिटी सॉफ्टवेयर सिस्टम सॉफ्टवेयर के अंतर्गत ही आते है लेकिन कभी कभी इन्हें अलग गिना जाता है। कुछ यूटिलिटी सॉफ्टवेयर आपने देखे ही होंगे जैसे की हम कंप्यूटर में से virus हटाने के antivirus सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते है यह antivirus सॉफ्टवेयर एक यूटिलिटी सॉफ्टवेर है।- उदहारण :-
- Antivirus
- Disk cleaner
- Disk manager
- Windows defender
Conclusion
सॉफ्टवेयर कंप्यूटर की आत्मा होती है अगर कंप्यूटर में में सॉफ्टवेयर नहीं रहेगा तो कंप्यूटर कुछ भी नहीं रहेगा कंप्यूटर को चलने और काम करने के लिए सॉफ्टवेर की जरूरत पड़ती है इन सॉफ्टवेयर की बजह से ही हम अपना सारा काम कर पाते है आजकल कंप्यूटर हमारी बेसिक जरूरत बन गया है।
जिससे हम अलग अलग सॉफ्टवेयर की मदद से अलग अलग काम करवा पाते है। कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का एक समूह है हम हार्डवेयर का इस्तेमाल सॉफ्टवेयर को चलने के लिए ही करते है आजकल कंप्यूटर के लिए हर तरह के सॉफ्टवेयर उपलब्ध है यदि आपको ग्राफ़िक डिजाईन करना है तो उसके लिए अलग यदि आपको गाने सुनने है तो उसके लिए अलग आपको विडियो एडिट करनी है उसके लिए अलग मतलब आजकल कंप्यूटर हमारी सभी जरूरतों को पूरा कर रहा है।
आजकल सॉफ्टवेयर इतने एडवांस आने अलग है की वे हमारा बहुत सारा काम अपने आप ही कर देते है हमे काफी कम effort लगाने की जरूरत पड़ती है।


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